प्रस्‍तावना INTRODUCTION

 

      संघ सरकार की राजभाषा नीति के कार्यान्‍वयन के लिए पोत परिवहन मंत्रालय में हिंदी अनुभाग की स्‍थापना की गई है। वर्तमान में यह संयुक्‍त सचिव (पोत परिवहन/राजभाषा) के प्रशासनिक नियंत्रण में है इनकी सहायता के लिए 01 सहायक निदेशक (राजभाषा) है। हिंदी अनुभाग में 01 संयुक्‍त निदेशक (राजभाषा) – (वर्तमान में रिक्‍त), 01 सहायक निदेशक (राजभाषा), 02 वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी, 01 कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी और 01 आशुलिपिक कार्यरत हैं। हिंदी अनुभाग मंत्रालय और इसके प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले कार्यालयों में में राजभाषा (हिंदी) नीति के कार्यान्‍वयन की निगरानी करता है।

 

      राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा प्रति वर्ष जारी किए जाने वाले वार्षिक कार्यक्रम को ध्‍यान में रखते हुए, पोत परिवहन मंत्रालय ने संघ सरकार की राजभाषा नीति के कार्यान्‍वयन के लिए अधिकतम सरकार कार्य हिंदी में करने के अपने प्रयास जारी रखे हैं।

 

अनुवाद कार्य TRANSLATION WORK

 

राजभाषा अधिनियम, 1963 (यथा संशोधित 1967) की धारा 3(3) का कार्यान्‍वयन

 

भारत सरकार की राजभाषा नीति के अनुसरण में, मंत्रालय में राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत शामिल सभी दस्‍तावेज़ों को हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में जारी किया जाता है।

 

मंत्रालय में हिंदी से संबंधित समितियां

COMMITTEES RELATED TO HINDI IN THE MINISTRY

राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति (रा.भा.का.स.)

पोत परिवहन मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव (पोत परिवहन/राजभाषा) की अध्‍यक्षता में राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति का गठन किया गया है। यह समिति मंत्रालय में हिंदी के प्रयोग में हुई प्रगति की तिमाही आधार पर समीक्षा करती है। यह समिति राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्‍वयन के लिए उचित सुझाव देती है और किए जाने वाले उपायों की सिफारिश करती है। इस वर्ष के दौरान इस समिति की बैठकें प्रत्‍येक तिमाही में आयोजित की जाती हैं।

हिंदी सलाहकार समिति

सरकार की राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्‍वयन के लिए सलाह देने के उद्देश्‍य से पोत परिवहन मंत्रालय में हिंदी सलाहकार समिति का गठन किया गया था और इसका कार्यकाल दिनांक 17.09.2019 को समाप्‍त हो चुका है। इस समिति के पुनर्गठन का कार्य चल रहा है।

हिंदी के प्रगामी प्रयोग का जायज़ा लेने के लिए निरीक्षण

INSPECTION TO ASSESS THE PROGRESSIVE USE OF HINDI

संसदीय राजभाषा समिति द्वारा निरीक्षण

 

संघ सरकार की राजभाषा नीति के कार्यान्‍वयन में हुई प्रगति का आकलन करने के लिए संसदीय राजभाषा समिति की पहली उप-समिति मंत्रालय और उसके प्रशासनिक नियंत्रण वाले कार्यालयों में समय-समय पर राजभाषाई निरीक्षण करती है।

मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाले कार्यालयों का निरीक्षण

 

राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम में राजभाषा निरीक्षण के संबंध में निर्धारित लक्ष्‍यों के अनुसार मंत्रालय के राजभाषा अधिकारी इसके प्रशासनिक नियंत्रण वाले कार्यालयों का राजभाषाई निरीक्षण करते हैं।

पोत परिवहन मंत्रालय के अनुभागों का निरीक्षण

 

मंत्रालय के राजभाषा अधिकारी मंत्रालय के अनुभागों का भी राजभाषाई निरीक्षण करते हैं।

मंत्रालय में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्‍न कार्यक्रम

VARIOUS PROGRAMMES FOR THE PROPAGATION OF HINDI IN THE MINISTRY

हिंदी पखवाड़े का आयोजन

 

सरकारी कामकाज में हिंदी प्रयोग को बढ़ावा देने और हिंदी का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्‍य से मंत्रालय में हर वर्ष ‘हिंदी पखवाड़ा’ मनाया जाता है। पिछले वर्ष इसका आयोजन 04-09-2018 से 18-09-2018 तक किया गया। हिंदी पखवाड़े के दौरान विभिन्‍न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सचिव (पोत परिवहन) द्वारा पुरस्‍कार वितरित किए गए। पिछले वर्ष 08 प्रतियोगिताओं में कुल 56 पुरस्‍कार थे। इन प्रतियोगिताओं में 36 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया एवं 32 प्रतिभागियों ने कुल 52 पुरस्‍कार प्राप्‍त किए। 

हिंदी कार्यशाला का आयोजन

 

अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपना सरकारी कामकाज हिंदी में करने के लिए प्रोत्‍साहित करने हेतु मंत्रालय में हिंदी कार्यशालाओं को नियमित रूप से आयोजन किया जाता है। राजभाषा अधिनियम, नियम के कार्यान्‍वयन, कंप्‍यूटरों पर हिंदी में काम करना, हिंदी टिप्‍पण आलेखन आदि क्षेत्रों में कार्मिकों का मार्गदर्शन करने के लिए विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाता है। पिछले वर्ष .... कार्यशालाएं चलाई गईं और इनमें ... अधिकारियों और ... कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया।

पुरस्‍कार एवं योजनाएं

AWARDS AND SCHEMES

भारतीय पत्‍तनों और नौवहन से संबंधित विषयों पर मूल रूप से हिंदी में लिखी गई और अन्‍य भाषाओं से हिंदी में अनूदित पुस्‍तकों के लिए पुरस्‍कार योजना:-

 

भारतीय पत्‍तनों और नौवहन से संबंधित विषयों पर मूल रूप से हिंदी में पुस्‍तकें लिखने और अन्‍य भाषाओं से हिंदी में अनुवाद को प्रोत्‍साहित करने के लिए पोत परिहवन मंत्रालय वार्षिक आधार पर पुरस्‍कार योजना चलाता है। इसके तहत दोनों श्रेणियों में अलग-अलग प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्‍कार प्रदान किए जाते हैं। पिछले वर्ष के दौरान इस योजना के तहत गत पांच वर्षों अर्थात्‍ 2013-14, 2014-15, 2015-16, 2016-17 और 2017-18 के दौरान उपर्युक्‍त विषयों पर प्रकाशित पुस्‍तकों के लिए प्रविष्टियां आंमंत्रित की गई थीं। प्रविष्टियों को प्राप्‍त करने की अंतिम तारीख 31 मार्च, 2019 थी। उक्‍त योजना के तहत केवल एक प्रविष्टि प्राप्‍त हुई थी और उस प्रविष्टि का विषय भारतीय पत्‍तनों और नौवहन से संबंधित न होने के कारण उसे निरस्‍त कर दिया गया था।

राजभाशा शील्‍ड योजना

 

पोत परिवहन मंत्रालय के नियंत्रणाधीन कार्यालयों के मुख्‍यालयों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए वार्षिक आधार पर एक राजभाषा शील्‍ड योजना चलाई जाती है, इसके तहत क्षेत्र-वार कार्यालयों को शील्‍ड एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16, 2016-17 और 2017-18 के लिए विजेताओं की घोषणा की जा चुकी है। वर्ष 2018-19 के लिए भी यह योजना कार्यान्वित की जा रही है।

गृह पत्रिका नौतरणी

IN-HOUSE MAGAZINE ‘NAUTARNI’

 

      पोत परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों में हिंदी में सृजनात्‍मक लेखन को प्रोत्‍साहित करने के लिए मंत्रालय की गृह पत्रिका ‘नौतरणी’ प्रकाशित की जाती है। इस पत्रिका में सृजनात्‍मक और ज्ञानवर्धक रचनाएं एवं पोत परिवहन मंत्रालय की गतिविधियों से संबंधित रचनाएं प्रकाशित की जाती हैं। अभी तक इस पत्रिका के 05 अंक प्रकाशित किए जा चुके हैं और इस गृह पत्रिका के छठे अंक के लिए रचनाएं आमंत्रित की गई हैं।

 

हिंदी भाषा, हिंदी टंकण और हिंदी आशुलिपि का प्रशिक्षण

HINDI LANGUAGE, HINDI TYPING AND HINDI STENOGRAPHY TRAINING

 

मंत्रालय के कार्मिकों के हिंदी ज्ञान के आधार पर उन्‍हें हिंदी शिक्षण योजना, राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित किए जा रहे हिंदी भाषा प्रशिक्षण सत्रों में नामित किया जाता है। इस हस शिक्षण योजना के अंतर्गत चार पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जाता है नामत: प्रबोध, प्रवीण, प्राज्ञ और पारंगत।

 

संबंधित कार्मिकों को हिंदी टंकण और हिंदी आशुलिपि प्रशिक्षण के लिए भी नामित किया जाता है।