विज़न और मिशन विवरण

विज़न विवरण 

विश्व में अत्यधिक प्रभावी, कुशल, ज़िम्मेदार और प्रगतिशील समुद्री प्रशासन के तौर पर पहचान बनाना

 

अमृतकाल विजन लिंक

सारांश 

Amritkaal Vision

किसी देश को आगे बढ़ाने और उसके विकास में समुद्री क्षेत्र की अहम भूमिका होती है। भारत सरकार का पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय लगातार ठोस कदम उठा रहा है, जिनका उद्देश्य क्षमता निर्माण में तेज़ी लाना और भारतीय समुद्री क्षेत्र की दक्षता को बढ़ाना है। 2021 में लॉन्च किए गए मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 को कार्यान्वित करने से पहले ही काफी प्रगति हुई है, हमने अगले 25 वर्षों में समुद्री क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए व्यापक, अपेक्षाकृत अधिक वृहत रोडमैप के साथ अमृतकाल विज़न 2047 तैयार किया है। 

समुद्री क्षेत्र में भारत की क्षमता को देश के विकास के ठोस तंत्र में बदलने के लिए, मंत्रालय ने व्यापार में सहायता करने और व्यापार करना आसान बनाने, वैश्विक मानकों के अनुरूप आधुनिक और स्थायी अवसंरचना तैयार करने के लिए नीतिगत पहल और सुधार करके, अंतर्देशीय जलमार्गों में मल्टीमॉडल टर्मिनल स्थापित करके लॉजिस्टिक्स का संवर्धन करके, पोत निर्माण तथा पुनर्चक्रण गतिविधियों का विस्तार करके तथा देश की तटरेखा की आपार क्षमता का पूर्णत: उपयोग करने के उद्देश्य से अन्य विभिन्न उपाय करके महापत्तनों की दक्षता को बढ़ाने को उच्च प्राथमिकता दी है।  

समुद्री अमृत काल विजन 2047

 

मिशन विवरण

1. निम्नलिखित में सहायता करने के लिए प्रभावी पर्यवेक्षीय और विनियामक तंत्र की व्यवस्था करना;

1.1  संरक्षित, दक्ष और सुरक्षित पोत परिवहन तैयार करना,

1.2 समुद्री पर्यावरण का संरक्षण करना,  

1.3 समुद्री विश्वविद्यालय का चहुंमुखी विकास और

 

2. भारत सरकार को ऐसा संपूर्ण और एकीकृत समुद्री विकास कार्यक्रम विकसित करने और कार्यान्वित करने में सहायता देना जिसका राष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव हो;

3. ऐसी नीतियां तैयार करना और कार्यान्वित करना जिनसे ऐसा परिवेश सुगम हो जो भारतीय ध्वज के अंतर्गत आधुनिक वाणिज्यिक बेड़े के विस्तार में निवेश को बढ़ाने तथा वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी पोत निर्माण और मरम्मत सुविधाएं तैयार करने के अनुकूल हो;

4. उच्च गुणवत्ता वाला मानव संसाधन प्रबंधन विकसित करना और बनाए रखना जो सक्षम नाविकों के लिए राष्ट्रीय समुद्री उद्योग सहित विश्व की आवश्यकताओं को पूरा करें;

5. निरंतर नवाचार, प्राद्योगिकी उन्नयन मूल्य संवर्धन के माध्यम से पोत परिवहन सेवाओं की प्रदायगी में निष्ठा, गुणवत्ता और दक्षता के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए उत्तम शासन सुनिश्चित करना। 

6. पोतों के संरक्षण और सुरक्षा, पर्यावरण के संरक्षण और नाविकों के कल्याण से संबंधित संगत अंतर्राष्ट्रीय दस्तावेजों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उपाय करना।