विजन एवं मिशन

विजन एवं मिशन विवरण

विजन

विश्व स्तर पर एक अत्यधिक प्रभावी, दक्ष, उत्तरदायी एवं प्रगतिशील समुद्री प्रशासन के रूप में पहचान स्थापित करना।

अमृतकाल विजन 2047 : एक संक्षिप्त परिचय
अमृतकाल विजन 2047 संक्षिप्त विवरण
समुद्री अमृतकाल विजन 2047। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी चित्र जिसमें भारत का मानचित्र, पत्तन, जहाज, प्रकाशस्तंभ तथा समुद्री अवसंरचना प्रदर्शित की गई है, जो वर्ष 2047 तक भारत के समुद्री क्षेत्र के समग्र विकास की परिकल्पना को दर्शाता है।

समुद्री क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था, व्यापार तथा राष्ट्रीय विकास का एक महत्वपूर्ण आधार है। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय इस क्षेत्र को अधिक दक्ष, आधुनिक एवं विश्वस्तरीय बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

अमृतकाल विजन 2047 वर्ष 2047 तक भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करने हेतु तैयार की गई एक दीर्घकालिक रणनीतिक कार्ययोजना है। इसमें पत्तनों के आधुनिकीकरण, हरित एवं सतत् पोत परिवहन, अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास, लॉजिस्टिक्स दक्षता, जहाज निर्माण, कौशल विकास तथा नवाचार पर विशेष बल दिया गया है।

समुद्री अमृतकाल विजन 2047 (पीडीएफ)

मिशन

  1. निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एक प्रभावी पर्यवेक्षण एवं विनियामक तंत्र उपलब्ध कराना:
    • सुरक्षित, संरक्षित एवं दक्ष नौवहन को बढ़ावा देना।
    • समुद्री पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित करना।
    • समुद्री शिक्षा एवं प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करना।
  2. राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने वाले एकीकृत समुद्री विकास कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में भारत सरकार को सहयोग प्रदान करना।
  3. पोत परिवहन, पोत निर्माण तथा पोत मरम्मत सुविधाओं में निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों का निर्माण करना।
  4. वैश्विक समुद्री उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन का विकास करना।
  5. निष्ठा, गुणवत्ता एवं नवाचार के माध्यम से सुशासन सुनिश्चित करना।
  6. समुद्री सुरक्षा, संरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अंतरराष्ट्रीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना।