अंतर्देशीय जल परिवहन

अंतर्देशीय जल परिवहन (आई डब्ल्यू टी)  स्कन्ध  राष्ट्रीय जलमार्गों  (रा.ज.) में विकास, प्रबंधन, क्षमता निर्माण के कार्यान्वयन और संस्थागत सुदृढ़ीकरण पहलों के लिए उत्तरदायी है। वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार इस स्कन्ध  के प्रमुख हैं, जिन्हें निदेशक (आईडब्ल्यूटी), दो अवर सचिवों और आई डब्ल्यू टी अनुभाग द्वारा कार्य सहायता दी जाती है।

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राजभाषा

प्रस्‍तावना

      संघ सरकार की राजभाषा नीति के कार्यान्‍वयन के लिए पत्तन,पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में हिंदी अनुभाग की स्‍थापना की गई है। वर्तमान में यह संयुक्‍त सचिव (पत्तन,पोत परिवहन और जलमार्ग/राजभाषा) के प्रशासनिक नियंत्रण में है इनकी सहायता के लिए 01 सहायक निदेशक (राजभाषा) है। हिंदी अनुभाग में 01 संयुक्‍त निदेशक (राजभाषा) – (वर्तमान में रिक्‍त), 01 सहायक निदेशक (राजभाषा), 02 वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी, 01 कनिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी कार्यरत हैं। हिंदी अनुभाग मंत्रालय और इसके प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले कार्यालयों में में राजभाषा (हिंदी) नीति के कार्यान्‍वयन की निगरानी करता है।

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शिपिंग

पत्तन,पोत परिवहन और जलमार्ग  स्‍कंध – नौवहन, समुद्री विकास, पोत निर्माण, पोत मरम्‍मत और पोत भंजन उद्योग के लिए नीतियां एवं योजनाएं तैयार करता है। भारतीय पोत परिवहन उद्योग ने पिछले कुछ वर्षों में भारत की अर्थव्‍यवस्‍था के परिवहन क्षेत्र में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो कच्‍चे तेल, पेट्रोलियम उत्‍पादों और अन्‍य कार्गो के लिए परिवहन का एक आवश्‍यक साधन प्रदान करता है। देश के व्‍यापार का मात्रा की दृष्टि से लगभग 95% और मूल्य की दृष्टि से 68%  हिस्सा समुद्री परिवहन के माध्‍यम से स्‍थानांतरित किया जाता है।

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